गुर्दे की पथरी कर रही परेशान तो घर पर इन 5 तरीकों से निकालें बाहर

किडनी स्‍टोन, जिसे आम भाषा में हम लोग गुर्दे की पथरी कहते हैं दिखने में भले ही रेत के दाने जितनी छोटी हो लेकिन पूरे शरीर को हिला देने वाला दर्द देती है। गुर्दे में पथनी पेशाब के दौरान दिक्कत देती है, जिसके कारण तेज दर्द होता है और जीना दुष्वार हो जाता है। कई लोग इस बात को भी मानते हैं कि पथरी का दर्द महिलाओं को होने वाले प्रसव के दर्द से भी बदतर होता है। पेशाब में मिनरल के एक साथ जमा होने पर पथरी बनती है। इसके बनने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, जिसमें आपका खानपान, या फिर अनुवांशिक कारण भी शामिल है। गुर्दे की पथरी तकलीफदेह होती है और कई बार इसका दर्द असहनीय हो जाता है। गुर्दे की पथरी का सबसे आम इलाज एलोपैथी ही है, जिसमें सर्जरी द्वारा इसे निकाल दिया जाता है लेकिन कुछ तरीके ऐसे भी हैं, जिसमें सर्जरी के बिना भी इसे बाहर निकाल दिया जाता है। इस लेख में ऑयुर्वेद डॉ. प्रीति मंगेश देशमुख आपको घर पर ही पथरी निकालने के 5 आसान तरीके बता रही हैं। तो आइए जानते हैं कौन से हैं ये तरीके।





डॉ. प्रीति मंगेश देशमुख का कहना है कि अगर पहले कभी आपने कभी पथरी निकलवाई हो तो आप शायद अपने शरीर के इस सबसे बुरे दुश्मन से दोबारा मिलने की कामना नहीं करेंगे। आप फिर से इससे बचने के लिए कुछ भी करेंगे। उनका कहना है कि गुर्दे की पथरी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक आम है और लगभग आधे लोगों में, जो पहले इसका शिकार हो चुके हैं उनमें बिना निवारक उपायों के 10 से 15 साल के भीतर फिर से होने का खतरा रहता है।


डॉ. प्रीति के मुताबिक, गुर्दे की पथरी का निर्माण तब होता है जब कुछ पदार्थ, जैसे कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड आपके गुर्दे में क्रिस्टल बनाने के लिए पर्याप्त रूप से एक जगह पर जमा हो जाते हैं। ये क्रिस्टल समय के साथ-साथ स्टोन जितने बड़े हो जाते हैं। लगभग 80% से 85% गुर्दे की पथरी कैल्शियम से बनी होती है। बाकी यूरिक एसिड स्टोन होते हैं, जो उन लोगों में बनते हैं, जिनका यूरिन पीएच लेवल बहुत कम होता है।


घर पर इन 5 तरीकों से निकालें गुर्दे की पथरी


भले ही गुर्दे की पथरी की समस्या होना आम बात नहीं है लेकिन फिर भी ऐसा होने पर आप इसे बढ़ने से रोक सकते हैं और कुछ सरल तरीके से इसे बाहर निकाल सकते हैं। डॉ. प्रीति आपको कुछ रणनीतियां बता रही हैं, जो पथरी को बाहर निकालने में मदद कर सकती है।


पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं


नेशनल किडनी फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2015 में किए गए एक मेटा-विश्लेषण में यह पाया गया कि जो लोग रोजाना 2 से 2.5 लीटर तक पेशाब करते हैं उनमें किडनी स्टोन विकसित होने की संभावना 50% तक कम होती है। इतनी मात्रा में पेशाब करने के लिए रोजाना लगभग 8 से 10 गिलास (लगभग 2 लीटर) पानी पीना चाहिए। इसलिए रोजाना इतनी मात्रा में पानी पीएं की आपको पेशाब ज्यादा आए और पथरी हो ही न।


हाई ऑक्सालेट फूड न खाएं


पालक, चुकंदर और बादाम ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो शरीर में ऑक्सालेट का स्तर बढ़ाने का काम करते हैं। हालांकि, सामान्य मात्रा में लो ऑक्सालेट खाद्य पदार्थ जैसे चॉकलेट और बेरी का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए सही रहता है और पथरी नहीं बनती है।


नींबू का सेवन बढ़ाएं


सिट्रिक एसिड में पाया जाने वाला सॉल्ट सिट्रेट कैल्शियम को कम करने का काम करता है और स्टोन को बनने से रोकने में मदद करता है। डॉ. प्रीति कहती है कि कुछ अध्ययन से पता चला है कि रोजाना के अपने पानी वाले पानी में आधा कप नींबू का रस या फिर दो नींबू का रस पीने से यूरीन सिट्रेट बढ़ जाता है और गुर्दे की पथरी का खतरा कम हो सकता है।


सोडियम की मात्रा पर ध्यान दें


हाई सोडियम डाइट गुर्दे की पथरी को बढ़ाने का काम कर सकती है क्योंकि यह आपके मूत्र में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाती है।


एनिमल प्रोटीन की मात्रा को कम करें


मांस, अंडे और सीफूड जैसे अधिक पशु प्रोटीन खाने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। अगर आपको स्टोन होने का खतरा रहता है तो आप अपने डेली के रूटीन से मांस मांस के सेवन की मात्रा को सीमित कर दें, जो कि कोई बड़ा काम नहीं है।